10 मई 1857 को मेरठ में भारतीय सिपाहियों ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ विद्रोह शुरू किया। यह ब्रिटिश शासन के खिलाफ पहला व्यापक विद्रोह था, जिसे भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम माना जाता है। क्रांति असफल रही, लेकिन इसने आज़ादी की लड़ाई की नींव रखी।
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- विद्रोह 10 मई 1857 को मेरठ से शुरू हुआ
- दिल्ली, कानपुर, लखनऊ, झाँसी तक फैला
- कारण: कारतूसों में गाय-सुअर की चर्बी, धार्मिक भावना आहत
- आर्थिक शोषण, राजनीतिक हस्तक्षेप से जनता में आक्रोश
- नेता: बहादुर शाह ज़फ़र, रानी लक्ष्मीबाई, नाना साहेब, तात्या टोपे
- लैप्स सिद्धांत, भारी कर, धार्मिक हस्तक्षेप से असंतोष
- किसान, कारीगर, ज़मींदार सिपाहियों के साथ शामिल हुए
- योजना कमजोर, एकता की कमी से असफलता
- ईस्ट इंडिया कंपनी का शासन समाप्त, ब्रिटिश सरकार ने नियंत्रण संभाला
- राष्ट्रवाद को बल मिला, आगे के आंदोलनों की प्रेरणा बनी





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