केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 2004 की भारतीय महासागर सुनामी की 20वीं वर्षगांठ पर INCOIS में भारत की आपदा चेतावनी प्रणालियों में वैश्विक नेतृत्व की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने देश की आपदा तैयारियों और वैश्विक सहयोगों को मजबूत बनाने की दिशा में पहल की सराहना की।
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- भारत को आपदा चेतावनी प्रणालियों में वैश्विक नेता के रूप में पहचाना गया, अन्य देशों की भी मदद।
- 2004 की सुनामी की 20वीं वर्षगांठ पर INCOIS में डॉ. जितेंद्र सिंह का संबोधन।
- 2004 की सुनामी के बाद स्थापित INCOIS अब विश्व का अग्रणी संस्थान।
- भारत की सुनामी अर्ली वार्निंग सिस्टम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया।
- 2030 तक 100% सुनामी-तैयार समुदायों के लिए Ocean Decade Tsunami Programme में INCOIS की सक्रिय भूमिका।
- यूनेस्को और Tsunami Ready Initiative के साथ तटीय समुदायों की मजबूती के लिए सहयोग।
- तूफानी लहरों और उच्च तरंगों को शामिल करने के लिए बहु-जोखिम चेतावनी प्रणाली पर काम।
- “विकसित भारत” की ओर भारत की प्रगति में महासागर अन्वेषण की भूमिका महत्वपूर्ण।
- 2026 तक गहरे समुद्र में भारतीय को भेजने की योजना।
- BioE3 जैसी परियोजनाएं जैव विविधता बढ़ाने और राष्ट्रीय समृद्धि में योगदान दे रहीं।





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