17 दिसंबर को सरकार ने “एक देश, एक चुनाव” को लागू करने के लिए लोकसभा में दो बिल पेश किए। संविधान (129वां संशोधन) विधेयक और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने पेश किया, जिसे विपक्ष ने खारिज कर दिया।
BulletsIn
- 269 सांसदों ने समर्थन किया, 198 ने विरोध किया।
- विपक्ष का दावा: दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा सरकार।
- बिलों का उद्देश्य: लोकसभा और विधानसभा चुनावों का समन्वय।
- विपक्ष ने इसे “तानाशाही कदम” बताया।
- कानून मंत्री का दावा: “मूल संरचना सिद्धांत” का उल्लंघन नहीं।
- विपक्ष ने इसे संघीय ढांचे पर हमला करार दिया।
- सरकार ने कहा: “चुनाव खर्च घटेंगे, स्थिरता बढ़ेगी।”
- बिल पारित होने के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी।
- सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच तीखी बहस।
- 2024 चुनाव में बड़े राजनीतिक प्रभाव की संभावना।





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