यूआईडीएआई ने नई मुख प्रमाणीकरण तकनीक और सुरक्षित परीक्षण व्यवस्था शुरू की, जिससे आधार आधारित डिजिटल पहचान, ईकेवाईसी और मोबाइल पंजीकरण मजबूत होंगे।
BulletsIn
- यूआईडीएआई ने 9 सितंबर 2026 को मुंबई में वैश्विक वित्तीय तकनीक महोत्सव के दौरान आधार मुख प्रमाणीकरण सॉफ्टवेयर किट और परीक्षण व्यवस्था शुरू की।
- सॉफ्टवेयर किट से आधार आधारित मुख प्रमाणीकरण सीधे मोबाइल अनुप्रयोगों में किया जा सकेगा और उपयोगकर्ताओं को अलग अनुप्रयोग में जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता और यंत्र अधिगम आधारित जीवंतता पहचान, छलरोधक जांच तथा कूटलेखन व्यवस्था सामान्य मोबाइल उपकरणों पर सुरक्षा मजबूत करती है।
- आधार मुख प्रमाणीकरण परीक्षण व्यवस्था बैंकों और वित्तीय तकनीक संस्थाओं को पहचान पंजीकरण तथा प्रमाणीकरण प्रक्रियाओं के सुरक्षित परीक्षण की सुविधा देती है।
- यूआईडीएआई ने पहचान पंजीकरण सरल बनाने संबंधी मार्गदर्शिका भी जारी की, जिसका उपयोग आधार आधारित डिजिटल पहचान व्यवस्था अपनाने वाले वित्तीय क्षेत्रों में होगा।
- सहयोगी संस्थाएं अपने स्वयं के सर्वरों पर आधार मुख प्रमाणीकरण प्रक्रिया संचालित कर सकती हैं, जिससे बाहरी प्रणालियों पर निर्भरता कम हो सकती है।
- आधार प्रमाणीकरण प्रतिदिन लगभग 10 करोड़ लेनदेन तक पहुंच गया है और व्यवस्था को प्रतिदिन 25 करोड़ से 30 करोड़ लेनदेन संभालने के लिए बढ़ाया जा रहा है।
- 600 से अधिक संस्थाएं आधार प्रमाणीकरण मंच का उपयोग कर रही हैं, जबकि आधिकारिक आधार अनुप्रयोग के लगभग 6 करोड़ डाउनलोड दर्ज किए गए हैं।
- मुख प्रमाणीकरण आधार की जैविक पहचान व्यवस्था में अंगुली छाप, नेत्रपटल और मुख चित्र आधारित सत्यापन विकल्पों के साथ एक नया विकल्प जोड़ता है।
- नई विकास सुविधाएं बैंकिंग, वित्तीय तकनीक और आधार आधारित पहचान सत्यापन वाली अन्य सेवाओं में सुरक्षित डिजिटल पहचान पंजीकरण को तेज कर सकती हैं।
- यह पहल व्यापक डिजिटल ढांचे, सुरक्षित जैविक पहचान तकनीक और मोबाइल आधारित वित्तीय सेवाओं में सरल प्रमाणीकरण व्यवस्था विकसित करने पर केंद्रित है।
- विस्तारित प्रमाणीकरण व्यवस्था आधार आधारित इलेक्ट्रॉनिक ग्राहक पहचान को बढ़ावा दे सकती है और संबंधित संस्थाओं के लिए सुविधा तथा कार्यक्षमता बढ़ा सकती है।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.