भारत और उज्बेकिस्तान ने अगले 3 वर्षों में 3 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य निर्धारित किया है। दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते की दिशा में पहल तेज करने तथा ऊर्जा, खनन, औषधि, डिजिटल अवसंरचना और कृषि सहित अनेक क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर सहमति व्यक्त की।
BulletsIn
- भारत और उज्बेकिस्तान ने नई दिल्ली में आयोजित भारत-उज्बेकिस्तान व्यापार मंच के दौरान अगले 3 वर्षों में 3 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य निर्धारित किया।
- दोनों देशों के बीच पिछले वर्ष 30 प्रतिशत की व्यापार वृद्धि दर्ज की गई और पहली बार कुल द्विपक्षीय व्यापार 1.3 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गया।
- 2025 में दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 1.32 अरब डॉलर रहा, जिसमें भारत का निर्यात 1.15 अरब डॉलर तथा उज्बेकिस्तान का भारत को निर्यात 164 मिलियन डॉलर से अधिक रहा।
- दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौते की संभावनाओं पर विचार करते हुए व्यापारिक बाधाएं कम करने, निवेश बढ़ाने और बाजार पहुंच को मजबूत बनाने पर सहमति व्यक्त की।
- भारत-उज्बेकिस्तान अंतरसरकारी आयोग की 14वीं बैठक में गैर-शुल्क बाधाओं को कम करने, व्यापार सुविधा बढ़ाने और आर्थिक सहयोग को नई गति देने पर चर्चा हुई।
- दोनों पक्षों ने दुर्लभ मृदा खनिज, खनन, अक्षय ऊर्जा, औषधि, चिकित्सीय उपकरण, मोटर वाहन, मशीनरी, डिजिटल अवसंरचना, कृषि तथा कपास उत्पादन को प्रमुख सहयोग क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया।
- वर्तमान में लगभग 400 भारतीय कंपनियां उज्बेकिस्तान में कार्यरत हैं तथा दोनों देशों की संयुक्त निवेश और विकास परियोजनाओं का मूल्य 5 अरब डॉलर से अधिक हो चुका है।
- शंघाई सहयोग संगठन के सदस्य के रूप में भारत और उज्बेकिस्तान व्यापार, संपर्क, ऊर्जा सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता तथा मध्य एशिया में आर्थिक सहयोग को लगातार मजबूत बना रहे हैं।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.