प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 को ₹1.28 लाख करोड़ (13.25 अरब अमेरिकी डॉलर) के बजट के साथ मंजूरी दी है। इसके साथ ही मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को भी ₹62,500 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
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- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 को मंजूरी दी।
- इस मिशन के लिए ₹1.28 लाख करोड़ (13.25 अरब अमेरिकी डॉलर) का प्रावधान किया गया है।
- कैबिनेट ने मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (MPMS) को भी मंजूरी दी।
- MPMS के लिए ₹62,500 करोड़ (6.49 अरब अमेरिकी डॉलर) आवंटित किए गए हैं।
- स्वीकृत पैकेज का कुल मूल्य ₹2.19 लाख करोड़ (22.76 अरब अमेरिकी डॉलर) है।
- ISM 2.0 का उद्देश्य भारत के सेमीकंडक्टर डिज़ाइन और निर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है।
- यह मिशन छह प्रमुख स्तंभों पर आधारित है।
- इनमें चिप डिज़ाइन, सेमीकंडक्टर उपकरण एवं सामग्री, फैब्रिकेशन यूनिट, ATMP एवं OSAT, अनुसंधान एवं विकास तथा प्रतिभा विकास शामिल हैं।
- सेमिकॉन 1.0 के तहत 12 सेमीकंडक्टर निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी।
- इन परियोजनाओं में ₹1.64 लाख करोड़ (17.07 अरब अमेरिकी डॉलर) से अधिक का निवेश हुआ।
- 105 से अधिक स्टार्टअप और MSMEs को EDA टूल्स के माध्यम से सहायता दी गई है।
- 315 विश्वविद्यालयों ने सेमीकंडक्टर शिक्षा कार्यक्रमों में भाग लिया है।
- लगभग 68,000 छात्रों को सेमीकंडक्टर डिज़ाइन का प्रशिक्षण दिया गया है।
- इस मिशन का लक्ष्य भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर निर्माण और नवाचार केंद्र बनाना है।





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