केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने चमड़ा तथा जूता उद्योग से मुक्त व्यापार समझौतों, गुणवत्ता, नवाचार और नए बाजारों के माध्यम से निर्यात में बड़ी वृद्धि का आह्वान किया।
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- पीयूष गोयल ने चमड़ा तथा जूता उद्योग से अगले 5–6 वर्षों में कम से कम 15 अरब अमेरिकी डॉलर के निर्यात का लक्ष्य निर्धारित करने और लगभग तीन गुना वृद्धि प्राप्त करने का आह्वान किया।
- मंत्री ने कहा कि वर्तमान में उद्योग का निर्यात लगभग 4–4.5 अरब अमेरिकी डॉलर है, जबकि कुशल कारीगरों और प्रतिस्पर्धी विनिर्माण क्षमता के कारण इसमें तेज वृद्धि की व्यापक संभावनाएँ हैं।
- हाल के मुक्त व्यापार समझौतों तथा प्रस्तावित समझौतों से 38 विकसित देशों के बाजारों तक पहुँच आसान होगी, जिससे भारतीय उत्पादों के निर्यात को नई गति मिलेगी।
- भारत–ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौता 15 जुलाई से लागू होगा, जबकि भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की विधिक समीक्षा अंतिम चरण में पहुँच चुकी है।
- मंत्री ने निर्यातकों से पारंपरिक बाजारों पर निर्भरता कम करने का आग्रह किया, क्योंकि वर्तमान में लगभग 77 प्रतिशत चमड़ा निर्यात केवल 15 देशों तक सीमित है।
- जूतों के अतिरिक्त हस्तबैग, बटुए, बेल्ट, जैकेट, खेल सामग्री, गद्दी सामग्री तथा विलासिता उत्पादों में भी वैश्विक स्तर पर व्यापक निर्यात अवसर उपलब्ध बताए गए।
- उद्योग से गुणवत्ता, उत्पाद विन्यास, आकर्षक पहचान, पर्यावरण संरक्षण, पुनर्चक्रण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वचालित प्रौद्योगिकी अपनाने का आग्रह किया गया।
- वर्तमान में यह उद्योग 40 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है तथा निर्यात विस्तार के साथ भविष्य में 1 करोड़ लोगों के लिए रोजगार सृजन की क्षमता रखता है।





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