Delhi-NCR में भीषण गर्मी के दौरान वायु गुणवत्ता “खराब” श्रेणी में पहुंच गई, जहां PM10 धूल कण प्रमुख प्रदूषक बनकर उभरे।
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- दिल्ली-NCR में 45°C के आसपास तापमान के बावजूद वायु गुणवत्ता खराब श्रेणी में पहुंच गई।
- क्षेत्र में GRAP का Stage 1 लागू किया गया।
- दिल्ली का AQI 200 से ऊपर पहुंचकर “Poor” श्रेणी में दर्ज हुआ।
- नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में भी खराब AQI रिकॉर्ड किया गया।
- गर्मी के मौसम में PM10 धूल कण मुख्य प्रदूषक बनकर सामने आए।
- सर्दियों के विपरीत, गर्मियों में प्रदूषण का मुख्य कारण धूल है।
- हीटवेव और गर्म हवाओं से वातावरण में धूल की मात्रा बढ़ गई।
- निर्माण कार्य, सड़क की धूल और सूखी मिट्टी PM10 बढ़ाने के प्रमुख कारण रहे।
- Central Pollution Control Board ने NCR शहरों की वायु गुणवत्ता की निगरानी की।
- विशेषज्ञों के अनुसार अत्यधिक गर्मी प्रदूषकों को सतह के पास रोक सकती है।
- GRAP Stage 1 के तहत धूल नियंत्रण और प्रदूषण कम करने के उपाय लागू किए गए।
- सड़कों पर पानी का छिड़काव और धूल प्रबंधन नियम सख्त किए जा सकते हैं।
- हीटवेव के दौरान खराब हवा से स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ जाते हैं।
- बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी मरीजों पर इसका अधिक असर पड़ सकता है।





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