भारत के बिजली क्षेत्र में Q4 FY26 के दौरान मांग वृद्धि धीमी रही, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता में तेज वृद्धि और ग्रिड दबाव में बढ़ोतरी दर्ज की गई।
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- Q4 FY26 में भारत का बिजली उत्पादन केवल 3 प्रतिशत वर्ष-दर-वर्ष बढ़ा, जो पिछले छह वर्षों में सबसे धीमी वृद्धि है।
- कोयला अभी भी लगभग 73 प्रतिशत उत्पादन के साथ प्रमुख स्रोत बना रहा, हालांकि नवीकरणीय क्षमता लगातार बढ़ रही है।
- सौर ऊर्जा उत्पादन में 24 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई, जबकि पवन, परमाणु और जल विद्युत उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई।
- कुल स्थापित क्षमता लगभग 533 GW तक पहुँची, जिसमें 53 प्रतिशत से अधिक हिस्सा गैर-जीवाश्म स्रोतों का है।
- इस तिमाही में 16.2 GW नवीकरणीय क्षमता जोड़ी गई, जबकि तापीय और जल विद्युत वृद्धि अपेक्षाकृत कम रही।
- पीक मांग 245 GW तक पहुँची, जिसमें अधिकतर मांग अब दिन के समय सौर उत्पादन अवधि में केंद्रित हो रही है।
- ट्रांसमिशन बाधाओं के कारण नवीकरणीय ऊर्जा का बड़ा हिस्सा curtailment का शिकार हुआ, विशेषकर गुजरात जैसे राज्यों में।
- अनुमान के अनुसार 2035–36 तक पीक मांग 459 GW तक पहुँच सकती है, जिससे ग्रिड और भंडारण क्षमता विस्तार आवश्यक होगा।





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