अडानी ग्रीन भारत की स्वच्छ ऊर्जा क्षमता बढ़ाने हेतु बड़े स्तर पर बैटरी भंडारण, नवीकरणीय अवसंरचना और दीर्घकालिक ऊर्जा निवेश को तेज कर रहा है।
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- अडानी ग्रीन वर्ष 2026 में 10 गीगावाट घंटा से अधिक बैटरी ऊर्जा भंडारण क्षमता स्थापित करेगा तथा अगले वर्ष से 15 गीगावाट घंटा वार्षिक लक्ष्य रखेगा।
- कंपनी अगले दशक तक प्रतिवर्ष लगभग 25000 करोड़ रुपये निवेश कर नवीकरणीय ऊर्जा, भंडारण प्रणाली और ग्रिड अवसंरचना का विस्तार करेगी।
- गुजरात और राजस्थान में सौर तथा पवन परियोजनाओं के साथ बैटरियों का संयोजन कर पारेषण बाधाओं को कम किया जाएगा।
- खावड़ा परियोजना विश्व की सबसे बड़ी एकल स्थान नवीकरणीय ऊर्जा सुविधा बनने की दिशा में विकसित की जा रही है।
- भारत वर्ष 2031-32 तक 411 गीगावाट घंटा ऊर्जा भंडारण क्षमता प्राप्त करने के राष्ट्रीय लक्ष्य पर कार्य कर रहा है।
- बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली ग्रिड स्थिरता बढ़ाएगी, स्वच्छ ऊर्जा उपयोग में सुधार करेगी और पारेषण दक्षता को मजबूत बनाएगी।
- उच्च पूंजी लागत, आयात निर्भरता, वित्तीय बाधाएं और धीमी परियोजना क्रियान्वयन प्रमुख चुनौतियां बनी हुई हैं।
- अडानी ग्रीन की यह रणनीति भारत की ऊर्जा सुरक्षा, स्वच्छ प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय नेतृत्व को नई मजबूती प्रदान करेगी।





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