भारत ने BRICS बैठक में फिलिस्तीन पर अपना रुख बरकरार रखा, लेकिन सदस्य देशों के मतभेदों के कारण पश्चिम एशिया संकट पर संयुक्त बयान जारी नहीं हो सका।
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- ब्रिक्स की नई दिल्ली बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष पर सदस्य देशों के बीच तीखे मतभेद के कारण कोई साझा सहमति नहीं बन सकी।
- भारत ने BRICS के अध्यक्ष देश के रूप में साझा रुख बनाने का प्रयास किया, लेकिन असहमति के चलते केवल चेयरमैन का बयान जारी किया गया।
- भारत ने स्पष्ट किया कि फिलिस्तीन मुद्दे पर उसकी नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है और वह दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है।
- दो-राष्ट्र समाधान के तहत स्वतंत्र और संप्रभु फिलिस्तीन राज्य को इज़राइल के साथ शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व में स्थापित करने की बात की जाती है।
- BRICS देशों के बीच अमेरिका-इज़राइल-ईरान संघर्ष और व्यापक मध्य-पूर्व स्थिति पर मतभेद के कारण संयुक्त घोषणा संभव नहीं हो सकी।
- भारत ने जनवरी 2026 में अरब लीग के साथ मिलकर फिलिस्तीन के अधिकारों और स्थायी शांति के समर्थन में अपना रुख दोहराया था।
- शर्म अल-शेख शिखर सम्मेलन और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रस्ताव 2803 को गाजा में शांति प्रयासों के रूप में उल्लेख किया गया।
- यह स्थिति BRICS के भीतर बढ़ते भू-राजनीतिक मतभेदों को दर्शाती है, जिससे वैश्विक मुद्दों पर एकमत निर्णय लेना चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है।





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