आंग्ल बर्मा युद्ध उन्नीसवीं शताब्दी के महत्वपूर्ण संघर्ष थे जिनमें ब्रिटिश साम्राज्य और बर्मा के बीच युद्ध हुए और अंततः बर्मा का विलय हुआ
BulletsIn
- आंग्ल बर्मा युद्ध 1824 से 1885 के बीच ब्रिटिश साम्राज्य और बर्मा राज्य के बीच हुए जिनके परिणामस्वरूप 1886 में बर्मा का विलय हुआ
- बर्मा में कोनबाउंग वंश के शासन में असम मणिपुर और अराकान क्षेत्रों में विस्तार हुआ जिससे ब्रिटिश भारत से सीधा संघर्ष उत्पन्न हुआ
- अलाउंगपाया द्वारा स्थापित विस्तार नीति को बोडापाया ने आगे बढ़ाया जिससे बर्मा की शक्ति बढ़ी परंतु ब्रिटिश के साथ तनाव भी बढ़ा
- प्रथम आंग्ल बर्मा युद्ध 1824 से 1826 में असम विस्तार के कारण शुरू हुआ और अंत में ब्रिटिश सेना ने विजय प्राप्त की
- यांडाबो संधि 1826 के तहत बर्मा को असम मणिपुर अराकान और तेनासेरिम क्षेत्र ब्रिटिश को सौंपने पड़े तथा क्षतिपूर्ति देनी पड़ी
- द्वितीय आंग्ल बर्मा युद्ध 1852 में व्यापारिक हितों के कारण हुआ जिसके परिणामस्वरूप पेगू क्षेत्र पर ब्रिटिश अधिकार स्थापित हुआ
- तृतीय आंग्ल बर्मा युद्ध 1885 में हुआ जिसमें मांडले पर कब्जा कर बर्मा को पूर्ण रूप से ब्रिटिश साम्राज्य में मिला लिया गया
- इन युद्धों के बाद राष्ट्रवाद का विकास हुआ और अंततः 1948 में बर्मा को स्वतंत्रता प्राप्त हुई





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.