25 वर्षों के सैटेलाइट अध्ययन में Bihar और West Bengal को प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट बताया गया है, जहां प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण बायोमास जलाना माना गया।
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- अध्ययन में 2000 से 2024 तक के प्रदूषण डेटा का विश्लेषण किया गया।
- इंडो-गंगेटिक प्लेन और आसपास के क्षेत्रों में प्रदूषण 20% से अधिक बढ़ा।
- सबसे अधिक प्रदूषण बिहार, दक्षिणी पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में दर्ज हुआ।
- पूर्वोत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्रों में भी प्रदूषण बढ़ता पाया गया।
- शोधकर्ताओं ने प्रदूषण वृद्धि का मुख्य कारण बायोमास जलाना बताया।
- फसल अवशेष जलाना और ग्रामीण क्षेत्रों में बायोमास ईंधन उपयोग प्रमुख कारण रहे।
- ऑर्गेनिक कार्बन और सल्फेट कणों में लगभग 50% वृद्धि दर्ज हुई।
- 2000 से 2024 के बीच प्रदूषण हॉटस्पॉट क्षेत्रों का विस्तार हुआ।
- अब पश्चिम बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर भारत के बड़े हिस्से हॉटस्पॉट बन चुके हैं।
- असम, मेघालय और त्रिपुरा में भी प्रदूषण स्तर बढ़े।
- पश्चिमी इंडो-गंगेटिक क्षेत्र में धूल प्रदूषण में कमी देखी गई।
- अध्ययन में हिमालयी क्षेत्रों पर बढ़ते प्रदूषण प्रभाव की चेतावनी दी गई।
- बिहार और पश्चिम बंगाल से निकलने वाला प्रदूषण पूर्वी हिमालय को प्रभावित कर रहा है।
- शोधकर्ताओं ने ग्रामीण क्षेत्रों तक स्वच्छ वायु नीति विस्तार की जरूरत बताई।
- कई क्षेत्रों में बढ़ती कचरा जलाने की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई।





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