तिलक ने भारतीय राष्ट्रवाद को उग्र, जन-केन्द्रित दिशा दी, जबकि गांधी का असहयोग आंदोलन भारत का पहला देश-व्यापी जनांदोलन बना। UPSC बार-बार इन दोनों विषयों पर प्रश्न पूछता है।
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- तिलक को गांधी ने “आधुनिक भारत का निर्माता” और नेहरू ने “भारतीय क्रांति का जनक” कहा
- 1890 में कांग्रेस में प्रवेश; स्वदेशी + राष्ट्रवाद को एक साथ जोड़कर आंदोलन को जन-आधार दिया
- केसरी और मराठा के माध्यम से ब्रिटिश विरोधी राष्ट्रवाद फैलाया; गीता रहस्य सहित कई ग्रंथ
- 1893 में सार्वजनिक गणपति उत्सव, 1896 में शिवाजी उत्सव शुरू करके जनता को राजनीतिक रूप से संगठित किया
- Age of Consent Bill का विरोध → सामाजिक सुधारों पर उनका रूढ़िवादी दृष्टिकोण आलोचना का विषय
- लाल-बाल-पाल त्रयी के प्रमुख नेता; पूर्ण स्वतंत्रता और उग्र तरीकों के समर्थक
- तीन बार राजद्रोह के मुकदमे, 1908 में छह वर्ष की मंडाले कैद
- 1916 में होम रूल लीग की स्थापना; नारा: “स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है”
- तिलक की मृत्यु (1 अगस्त 1920) के दिन ही गांधी ने असहयोग आंदोलन शुरू किया
- असहयोग: परिषदों, स्कूलों, अदालतों का बहिष्कार; पहला ऑल-इंडिया मास मूवमेंट
- 1922 चौरी-चौरा घटना के बाद गांधी ने हिंसा की वजह से आंदोलन वापस लिया
- नेहरू, सी.आर. दास, सुभाष बोस ने आलोचना की, पर गांधी ने अहिंसा को सर्वोच्च बताया





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