GST लागू होने के सात साल बाद मुकदमेबाजी तेजी से बढ़ी है। कानूनी अस्पष्टता, अनुपालन जटिलता और ट्रिब्यूनल की अनुपलब्धता इसके कारण हैं। सबसे ज़्यादा विवाद ITC अस्वीकृति, पीछे से कर वसूली और टैक्स योग्यता की व्याख्या को लेकर हैं।
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- कानून की अस्पष्टता और भिन्न-भिन्न व्याख्याओं से मुकदमेबाजी बढ़ी
- ITC अस्वीकृति मुख्य मुद्दा, आपूर्तिकर्ता की रद्द रजिस्ट्रेशन या चूक के कारण
- कलकत्ता HC: खरीदार सही हो तो ITC नहीं रोका जा सकता
- रेट्रोस्पेक्टिव रजिस्ट्रेशन रद्द, GSTR-2A व 3B मेल न खाने पर विवाद
- ट्रिब्यूनल चालू न होने से मामूली मामले भी हाई कोर्ट तक पहुंचे
- विदेशी कर्मचारियों के वेतन, खनन रॉयल्टी पर भी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
- ऑनलाइन गेमिंग पर 28% GST, हजारों करोड़ की मांग, उद्योग संकट में
- गेमिंग टैक्स केस पर सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई 5 मई 2025 को
- Safari Retreats मामला: निर्माण ITC पर सुप्रीम कोर्ट का निर्णय कानून से पलटा
- मध्यस्थता, सुलह जैसे ADR उपाय न्यायालय से तेज और सस्ते विकल्प बताए गए





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