11 नवंबर 2025 को वॉशिंगटन में डोनाल्ड ट्रम्प ने सर्जियो गोर को अमेरिकी दूत के रूप में शपथ दिलाई। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत संबंध “हमारे देश के सबसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय संबंधों में से एक” हैं, और इस रिश्ते में रणनीतिक, आर्थिक एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा।
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- ट्रम्प ने भारत को “विश्व की सबसे प्राचीन सभ्यताओं में से एक” व “विश्व का सबसे बड़ा देश” कहा और तेजी से बढ़ती मिडल क्लास पर ध्यान दिलाया।
- उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत के बीच अब “पहले से बहुत अलग सौदा” हो रहा है, जिसका संकेत व्यापार तथा भूस्त्रीति बदलावों का है।
- ट्रम्प ने कहा कि भारत पर अमेरिका के टैरिफ “बहुत अधिक” हैं क्योंकि वह रूसी तेल खरीद रहा था, लेकिन आगे जाकर उन्हें घटाया जाएगा।
- गोर दक्षिण और मध्य एशियाई मामलों के विशेष दूत के रूप में भी कार्य करेंगे, साथ ही भारत के लिए अमेरिका का दूत भी।
- ट्रम्प ने कहा कि गोर अमेरिकी ऊर्जा निर्यात बढ़ाने, महत्वपूर्ण अमेरिकी उद्योगों में निवेश प्रोत्साहित करने व सुरक्षा सहयोग व्यापक बनाने का काम करेंगे।
- शपथ समारोह में अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेड डी वैन्स, राज्य सचिव मार्को रुबियो सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
- भारत की ओर से कहा गया कि गोर ने पहले दिल्ली दौरा किया था और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिले थे, जो द्विपक्षीय संबंधों में निरंतरता का संकेत है।
- विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम अमेरिका द्वारा भारत-प्राथमिकता को रणनीतिक रूप से दर्शाता है, विशेष रूप से इंडो-प्रशांत परिप्रेक्ष्य में।





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