बढ़ते जलवायु खतरों और वैश्विक तापमान वृद्धि के बीच संयुक्त राष्ट्र ने मीथेन उत्सर्जन घटाने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के पर्यावरणीय प्रभावों पर नई पहल शुरू की।
BulletsIn
- संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने लंदन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वैश्विक मीथेन कार्ययोजना का शुभारंभ किया।
- गुटेरेस ने कहा कि बढ़ती गर्मी, भीषण बाढ़, सूखा और चरम मौसम की घटनाएं विश्वभर में जलवायु संकट को और गंभीर बना रही हैं।
- नवीन वैज्ञानिक आकलनों के अनुसार मानवीय गतिविधियों के कारण वैश्विक तापमान औद्योगिक काल से पहले के स्तर की तुलना में लगभग 1.37°C बढ़ चुका है।
- संयुक्त राष्ट्र ने बताया कि मीथेन 20 वर्ष की अवधि में कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में लगभग 80 गुना अधिक प्रभावशाली ऊष्मा अवरोधक गैस है।
- नई कार्ययोजना का मुख्य लक्ष्य जीवाश्म ईंधन, कृषि क्षेत्र और अपशिष्ट प्रबंधन से होने वाले मीथेन उत्सर्जन में तेजी से कमी लाना है।
- वैश्विक मीथेन प्रतिज्ञा को अब 159 देशों और यूरोपीय आयोग का समर्थन प्राप्त है, जिसका लक्ष्य 2030 तक 30 प्रतिशत कटौती करना है।
- गुटेरेस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित डेटा केंद्रों की बढ़ती ऊर्जा खपत और उनसे उत्पन्न पर्यावरणीय चुनौतियों पर भी चिंता व्यक्त की।
- संयुक्त राष्ट्र ने सतत डिजिटल अवसंरचना को बढ़ावा देने के लिए 36 शहरों की भागीदारी वाला वैश्विक शहरी डेटा केंद्र समझौता भी शुरू किया।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.