जलवायु परिवर्तन से जूझ रहे छोटे द्वीप देश तुवालु के एक-तिहाई से अधिक लोगों ने ऑस्ट्रेलिया के ‘क्लाइमेट वीज़ा’ के लिए आवेदन किया है। यह वीज़ा फ़ालेपिली यूनियन समझौते के तहत मिला है, जिसे 2023 में हस्ताक्षरित और 2024 में लागू किया गया।
BulletsIn
- तुवालु, ~11,000 की आबादी वाला द्वीप, डूबने की कगार पर
- फालेपिली यूनियन के तहत 280 लोगों को हर साल ऑस्ट्रेलिया प्रवास की अनुमति
- वीज़ा से स्वास्थ्य सुविधा, शिक्षा, नौकरी का अधिकार — नौकरी की जरूरत नहीं
- जून मध्य से अब तक 1,100+ मुख्य आवेदन, 4,000+ लोग शामिल
- भारी मांग से जलवायु संकट की गंभीरता और पलायन की मजबूरी झलकती है
- वीज़ा में जलवायु का ज़िक्र नहीं, पर संधि “अस्तित्व संकट” स्वीकारती है
- सफल आवेदकों का चयन 18 जुलाई के बाद रैंडम प्रक्रिया से
- वैज्ञानिक चेतावनी: 2050 तक तुवालु का बड़ा हिस्सा डूब सकता है
- तूफान, मरती кораल रीफ और दूषित पानी बढ़ा रहे संकट
- दुनिया का पहला द्विपक्षीय जलवायु प्रवासन समझौता माना जा रहा





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.