2 जून 1924 को अमेरिका के राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज ने इंडियन सिटिजनशिप एक्ट, जिसे स्नाइडर एक्ट भी कहा जाता है, पर हस्ताक्षर किए। इस कानून के तहत अमेरिका की भौगोलिक सीमाओं के भीतर जन्मे सभी मूल अमेरिकियों (नेटिव अमेरिकन्स) को अमेरिकी नागरिकता प्रदान की गई। हालांकि यह कदम अधिकार विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण था, लेकिन इतिहासकार मानते हैं कि यह निर्णय पूरी तरह प्रगतिशील नहीं था और इसके सामाजिक-राजनीतिक प्रभाव जटिल रहे।
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- 2 जून 1924 को राष्ट्रपति कैल्विन कूलिज ने इंडियन सिटिजनशिप एक्ट पर हस्ताक्षर किए।
- कानून को स्नाइडर एक्ट के नाम से भी जाना जाता है।
- अमेरिका में जन्मे सभी गैर-नागरिक मूल अमेरिकियों को नागरिकता प्रदान की गई।
- लगभग 1.25 लाख स्वदेशी लोगों को इस कानून के तहत नागरिकता मिली।
- उस समय अमेरिका में करीब 3 लाख मूल अमेरिकी रहते थे।
- शेष लोगों को पहले ही अन्य माध्यमों से नागरिकता मिल चुकी थी।
- डॉज एक्ट के तहत भूमि आवंटन स्वीकार करने पर भी नागरिकता मिलती थी।
- प्रथम विश्व युद्ध में सैन्य सेवा करने वाले कई मूल अमेरिकियों को पहले ही नागरिकता मिल चुकी थी।
- कानून में स्पष्ट किया गया कि नागरिकता से जनजातीय संपत्ति अधिकार प्रभावित नहीं होंगे।
- इसके बावजूद कई राज्यों ने तुरंत मतदान अधिकार नहीं दिए।
- कुछ राज्यों में मूल अमेरिकियों को 1940 के दशक तक मतदान से वंचित रखा गया।
- इस कदम को कई विद्वान आत्मसातीकरण (assimilation) नीति का हिस्सा मानते हैं।
- संघीय सरकार की नीतियां अभी भी जनजातीय समुदायों के प्रति संरक्षणवादी रहीं।
- नागरिकता और जनजातीय संप्रभुता के बीच संबंध कानूनी रूप से जटिल बना रहा।
- यह कानून 20वीं सदी में अमेरिकी भारतीय नीति के बदलाव का प्रतीक बना।
- इतिहासकारों के बीच आज भी इस कानून की मंशा और प्रभाव पर बहस जारी है।





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