1945 में बने संयुक्त राष्ट्र का उद्देश्य था एकतरफा प्रभुत्व रोकना। लेकिन 2025 में अमेरिका–चीन प्रतिद्वंद्विता और बहुध्रुवीयता ने नई चुनौतियाँ खड़ी कर दी हैं। भारत और ब्राज़ील जैसे मध्यम शक्तियाँ भी भूमिका मांग रही हैं। शांति मिशन और सहायता अभी भी ज़रूरी हैं, पर सुधार न होने पर UN अप्रासंगिक हो सकता है। BulletsIn




