भारतीय संविधान में व्यवस्था “क्वाज़ी–फेडरल” कही जाती है, जिसमें संघीय और एकात्मक दोनों विशेषताएँ हैं। संविधान का लक्ष्य राज्यों की स्वायत्तता और मज़बूत केंद्र के बीच संतुलन बनाना है, लेकिन अनेक राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक कारण इस संतुलन को लगातार चुनौती देते हैं। BulletsIn: * अनुच्छेद 1: “इंडिया, दैट इज़ भारत, यूनियन ऑफ स्टेट्स” –




