1951 में, भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संविधान में संशोधन कर स्वतंत्रता की मूलभूत अधिकार को सीमित करने का ऐतिहासिक कदम उठाया। बढ़ते साम्प्रदायिक तनाव और राजनीतिक विरोध के बीच, नेहरू को यह डर था कि बिना किसी नियंत्रण के स्वतंत्रता हिंसा और अशांति को बढ़ावा दे सकती है, जिस कारण उन्होंने संविधान




