भारत की विदेश नीति समय के साथ विकसित होकर औपनिवेशिक प्रभाव से स्वतंत्र कूटनीतिक दृष्टिकोण तक पहुँची, जिसमें गुटनिरपेक्षता, आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता पर बल दिया गया। BulletsIn • स्वतंत्रता से पहले भारत की विदेश नीति ब्रिटिश शासन के नियंत्रण में थी और इसका मुख्य उद्देश्य ब्रिटिश साम्राज्य के राजनीतिक तथा आर्थिक हितों का





