भारत में स्वच्छ ऊर्जा की मांग बढ़ने के साथ तांबे की भूमिका अहम बन रही है। लेकिन घरेलू पुनर्चक्रण प्रणाली असंगठित है और गुणवत्ता कमजोर। तकनीकी उन्नयन और नीतिगत सुधार से ही भारत इस मांग को पूरा कर सकता है। BulletsIn 2050 तक तांबे की वैश्विक मांग में 50% वृद्धि का अनुमान। भारत 95–99% पुराने




