ब्रिटिश आर्थिक नीतियों ने, विशेषकर सत्रह सौ सत्तावन के बाद बंगाल तथा अन्य नियंत्रित क्षेत्रों में, भारत को औपनिवेशिक अर्थव्यवस्था में बदल दिया। राजस्व की निकासी, स्थानीय उद्योगों की कमजोरी और संसाधनों का बाहरी हितों के लिए उपयोग इसका मुख्य कारण बना। Bullets ब्रिटिश शासन ने भारत की अर्थव्यवस्था को भारत के विकास के बजाय




