चार्टर एक्ट 1853 ने ब्रिटिश भारत के प्रशासन में महत्वपूर्ण बदलाव लाते हुए विधायी सुधार, सिविल सेवा में प्रतिस्पर्धा और संसद के नियंत्रण को मजबूत किया। BulletsIn Charter Act of 1853 ब्रिटिश संसद द्वारा पारित अंतिम चार्टर अधिनियम था इसने East India Company के शासन को बिना समय-सीमा के बढ़ाया गवर्नर-जनरल की परिषद में विधायी





