S. R. Bommai vs Union of India में सर्वोच्च न्यायालय ने अनुच्छेद 356 के तहत राष्ट्रपति शासन के दुरुपयोग पर महत्वपूर्ण सीमाएं तय कीं, जिससे संघीय ढांचा मजबूत हुआ।
BulletsIn:
- सर्वोच्च न्यायालय ने कहा कि राष्ट्रपति शासन लागू करने का निर्णय न्यायिक समीक्षा के दायरे में होगा, जिससे मनमाने निर्णयों पर रोक लगेगी
- मामला 1989 में कर्नाटक सरकार को हटाने से जुड़ा, जहां बिना सदन में बहुमत परीक्षण के निर्णय लिया गया था
- न्यायालय ने स्पष्ट किया कि बहुमत का परीक्षण सदन के पटल पर होना चाहिए, न कि राज्यपाल की राय पर
- राष्ट्रपति की घोषणा उचित और प्रासंगिक तथ्यों पर आधारित होनी चाहिए, जिसकी जिम्मेदारी केंद्र सरकार पर होगी
- संसद की स्वीकृति से पहले विधानसभा को भंग नहीं किया जा सकता, जिससे संवैधानिक संतुलन बना रहता है
- निर्णय में धर्मनिरपेक्षता को मूल संरचना माना गया, और इसके उल्लंघन पर कार्रवाई संभव बताई गई
- यदि राष्ट्रपति शासन गलत तरीके से लागू पाया जाए तो न्यायालय राज्य सरकार को पुनः बहाल कर सकता है





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