Battle of Bhima Koregaon 1 जनवरी 1818 को लड़ा गया, जिसमें ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी और मराठा शक्ति आमने-सामने आए, जो Third Anglo-Maratha War का महत्वपूर्ण हिस्सा था।
BulletsIn:
- यह युद्ध महाराष्ट्र के कोरेगांव गांव के पास लड़ा गया, जिसमें कैप्टन फ्रांसिस स्टॉन्टन के नेतृत्व में ब्रिटिश सेना और पेशवा बाजीराव द्वितीय की मराठा सेना शामिल थी
- मुख्य कारण ब्रिटिश विस्तार नीति और मराठों द्वारा अपने क्षेत्रों विशेषकर पुणे पर नियंत्रण पुनः स्थापित करने का प्रयास था
- लगभग 800 ब्रिटिश सैनिकों ने करीब 28000 मराठा सैनिकों का सामना किया, जिससे युद्ध की तीव्रता और असमानता स्पष्ट हुई
- ब्रिटिश सेना ने गांव में मजबूत मोर्चा बनाकर रणनीतिक स्थिति का लाभ उठाया और मराठा हमलों का सामना किया
- लगभग 12 घंटे तक चले युद्ध के बाद मराठा सेना ने पीछे हटने का निर्णय लिया, जिससे संघर्ष का अंत हुआ
- इस युद्ध के परिणामस्वरूप पेशवा शासन कमजोर हुआ और मराठा शक्ति के पतन की प्रक्रिया तेज हुई
यह घटना बाद में सामाजिक प्रतीक बनी, विशेषकर महार समुदाय के साहस और संघर्ष के रूप में याद की जाती है





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