सिक्किम ने उल्लास पहल के तहत पूर्ण साक्षर राज्य का दर्जा हासिल कर लिया है। यह उपलब्धि वयस्क शिक्षा, आजीवन सीखने और समावेशी साक्षरता अभियान के क्षेत्र में राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर मानी जा रही है।
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- सिक्किम को द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में सिक्किम विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान पूर्ण साक्षर राज्य घोषित किया गया।
- इस उपलब्धि के साथ सिक्किम भारत का पांचवां पूर्ण साक्षर राज्य बन गया है। इससे पहले मिजोरम, गोवा, त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश यह दर्जा हासिल कर चुके हैं।
- यह उपलब्धि उल्लास कार्यक्रम के तहत हासिल की गई, जिसका पूरा नाम “अंडरस्टैंडिंग ऑफ लाइफलॉन्ग लर्निंग फॉर ऑल इन सोसाइटी” है।
- उल्लास योजना शिक्षा मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किए गए नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का हिस्सा है।
- इस योजना का उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के नागरिकों के लिए वयस्क शिक्षा, कार्यात्मक साक्षरता, कौशल विकास और आजीवन सीखने को बढ़ावा देना है।
- साक्षरता अभियान ने राज्य के दूरदराज गांवों, ग्रामीण क्षेत्रों, बुजुर्ग शिक्षार्थियों और वंचित समुदायों तक प्रभावी पहुंच बनाई।
- शिक्षकों, स्वयंसेवकों, स्थानीय समन्वयकों और सामुदायिक संगठनों ने कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में साक्षरता जागरूकता फैलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- प्रेम सिंह तमांग ने साक्षरता को सशक्तिकरण, सामाजिक समानता, आत्मविश्वास और विकास की नींव बताया।





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