भारत और इज़राइल अपने दीर्घकालिक संबंधों को और सशक्त बनाने की दिशा में अग्रसर हैं, जिसमें रक्षा सहयोग, उन्नत प्रौद्योगिकी, नवाचार और व्यापार विस्तार पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
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- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इज़राइल के नेतृत्व के साथ संवाद कर भारत और इज़राइल के बीच रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।
- वर्ष उन्नीस सौ बानवे में स्थापित राजनयिक संबंध समय के साथ रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन और नवाचार जैसे क्षेत्रों में गहरे सहयोग में परिवर्तित हुए हैं।
- इज़राइल भारत का प्रमुख रक्षा सहयोगी है, जो उन्नत सैन्य प्रणालियों, निगरानी उपकरणों और संयुक्त विकास परियोजनाओं में योगदान देता है।
- दोनों देश कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और अर्धचालक निर्माण जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग का विस्तार करना चाहते हैं।
- द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों में विविधीकरण तथा निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के प्रयास जारी हैं।
- नवाचार साझेदारी, स्टार्टअप आदान-प्रदान और अनुसंधान सहयोग के माध्यम से ज्ञान और तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ किया जाएगा।
- रणनीतिक सहयोग साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, पारस्परिक विश्वास और समान सुरक्षा हितों पर आधारित है।
- यह नया संवाद क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखते हुए दीर्घकालिक और व्यापक साझेदारी को आगे बढ़ाने की व्यापक दृष्टि को दर्शाता है।





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