रूस ने परम नामक अपनी पहली परमाणु पनडुब्बी का शुभारंभ किया है, जो ज़िरकोन हाइपरसोनिक मिसाइल से लैस है, जिसे उसकी अद्वितीय गति और रडार से बचने की क्षमता के कारण ‘अवरुद्ध’ माना जाता है। यह पनडुब्बी, जो यासेन-एम वर्ग की है, 2026 में रूस के पैसिफिक बेड़े में शामिल होगी। यह रूस की सैन्य ताकत को बढ़ाने के प्रयासों का हिस्सा है।
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- रूस ने परम परमाणु पनडुब्बी का शुभारंभ सेवरोद्विंस्क में सेवमाश शिपयार्ड से किया।
- परम पनडुब्बी यासेन-एम वर्ग की पहली पनडुब्बी है, जो ज़िरकोन हाइपरसोनिक मिसाइल से लैस है।
- पनडुब्बी 2026 में पैसिफिक बेड़े में शामिल होगी।
- ज़िरकोन मिसाइल की गति मच 8 है, जो 9,900 किमी/घंटा (6,138 मील/घंटा) तक पहुंचती है।
- मिसाइल की रेंज 500-1,000 किमी (311-621 मील) है, जिससे हमला क्षमता में वृद्धि होती है।
- यह मिसाइल रडार से बचने के लिए एक प्लाज्मा बादल का उपयोग करती है, जो रडार तरंगों को अवशोषित करती है।
- ज़िरकोन इतनी तेज है कि वर्तमान वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा इसका प्रक्षेपण अवरुद्ध करना असंभव है।
- यह मिसाइल फरवरी 2024 में यूक्रेन में युद्ध में उपयोग किए जाने की सूचना है।
- परम पनडुब्बी पुराने अकुला और ऑस्कर वर्ग की पनडुब्बियों का स्थान लेगी।
- राष्ट्रपति पुतिन ने इस लॉन्च को रूस की सैन्य उन्नति के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।





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