भारतीय प्रवासी आर्थिक योगदान, सांस्कृतिक कूटनीति और सॉफ्ट पावर के माध्यम से भारत की वैश्विक प्रभावशक्ति को मजबूत करता है। प्रवासी भारतीय दिवस और नो इंडिया प्रोग्राम जैसी पहलें प्रवासियों के साथ संबंध मजबूत करने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। 35.42 मिलियन प्रवासी भारतीयों के साथ भारत प्रवासन में विश्व में अग्रणी है।
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- प्रवासी भारतीय दिवस महात्मा गांधी की 1915 में भारत वापसी का स्मरण करता है।
- भारत के पास दुनिया का सबसे बड़ा प्रवासी समुदाय है, 35.42 मिलियन भारतीय विदेश में।
- भारतीय प्रवासी हर साल 125 अरब डॉलर का प्रेषण भेजते हैं, विश्व में सबसे अधिक।
- प्रमुख प्रेषण स्रोत: अमेरिका (18%) और UAE (दूसरा सबसे बड़ा योगदानकर्ता)।
- प्रवासी वैश्विक स्तर पर भारतीय संस्कृति और मूल्यों को बढ़ावा देकर सॉफ्ट पावर को मजबूत करते हैं।
- प्रमुख मेजबान देश: अमेरिका (5.4M), UAE (3.6M), मलेशिया (2.9M)।
- सरकारी पहलें: नो इंडिया प्रोग्राम, ICWF, ई-माइग्रेट, प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY)।
- गिरमिटिया प्रवासी प्रारंभिक प्रवासी समुदाय का हिस्सा थे, जिन्हें वृक्षारोपण के लिए ले जाया गया।
- प्रवासी भारतीय निवेश, विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI), और उद्यमिता नेटवर्क के माध्यम से भारत की अर्थव्यवस्था में योगदान करते हैं।
- 18वें प्रवासी भारतीय दिवस की थीम: “विकसित भारत में प्रवासी का योगदान।”





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