2025 में भारतीय रिज़र्व बैंक ने बैंकिंग नियमों में बड़े बदलाव किए। गवर्नर संजय मल्होत्रा के नेतृत्व में नियमन को सरल बनाया गया। उद्देश्य ऋण वृद्धि और भरोसे को मजबूत करना था। यह बदलाव विकास-उन्मुख बैंकिंग की ओर संकेत करता है।
BulletsIn
- 2025 भारतीय बैंकिंग के लिए निर्णायक वर्ष
- आरबीआई ने एक दशक का सबसे बड़ा सुधार किया
- जटिल और पुराने नियमों को सरल बनाया
- हजारों पुराने परिपत्रों की सफाई की गई
- विलय और अधिग्रहण वित्तपोषण नियम आसान
- बैंकों की बैलेंस शीट खोलने पर जोर
- ऋण वृद्धि के लिए ब्याज दरों में कटौती
- नए बैंक लाइसेंस की प्रक्रिया फिर शुरू
- बैंकों की पूंजी स्थिति पर आरबीआई का भरोसा
- स्थिरता के साथ विकास पर केंद्रित नीति





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