Reserve Bank of India ने 3-दिवसीय वैरिएबल रेट रेपो नीलामी के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली में ₹81,590 करोड़ की अस्थायी तरलता डालकर वित्तीय स्थिरता बनाए रखने का कदम उठाया।
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- आरबीआई ने बैंकिंग प्रणाली में ₹81,590 करोड़ की अस्थायी तरलता 3-दिवसीय वैरिएबल रेट रेपो नीलामी के माध्यम से उपलब्ध कराई।
- इस कदम का उद्देश्य अल्पकालिक नकदी दबाव को कम करना और बैंकिंग प्रणाली में धन प्रवाह को सुचारु बनाए रखना है।
- वैरिएबल रेट रेपो नीलामी के तहत आरबीआई ने 5.26% की कट-ऑफ दर पर बैंकों को धन उपलब्ध कराया।
- वैरिएबल रेट रेपो आरबीआई का एक महत्वपूर्ण मौद्रिक उपकरण है जिसका उपयोग अल्पकालिक तरलता उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।
- अस्थायी तरलता का अर्थ बैंकिंग प्रणाली में सीमित अवधि के लिए उत्पन्न नकदी की कमी या उतार-चढ़ाव से है।
- इस प्रक्रिया में बैंक सरकारी प्रतिभूतियों को गिरवी रखकर आरबीआई से निश्चित अवधि के लिए धन उधार लेते हैं।
- इस तरलता सहायता से अल्पकालिक ब्याज दरों को स्थिर रखने और बैंकिंग क्षेत्र में पर्याप्त धन उपलब्ध कराने में मदद मिलती है।
- आरबीआई वित्तीय स्थिरता, मुद्रास्फीति नियंत्रण और नकदी प्रबंधन के लिए रेपो, रिवर्स रेपो तथा अन्य तरलता प्रबंधन उपायों का उपयोग करता है।





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