राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू ने सोमवार को राष्ट्रपति भवन में दो दिवसीय विज़िटर्स कांफ्रेंस के उद्घाटन के दौरान भारतीय उच्च शिक्षा संस्थानों को वैश्विक पहचान हासिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अनुसंधान, वैश्विक सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को आकर्षित करने के महत्व को बताया।
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- राष्ट्रपति द्रौपदी मुरमू ने राष्ट्रपति भवन में उच्च शिक्षा समुदाय को संबोधित किया।
- उन्होंने भारतीय संस्थानों के शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर पर पहचान प्राप्त करने का आह्वान किया।
- मुरमू ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता किसी देश के विकास स्तर का प्रतीक है।
- राष्ट्रपति ने अनुसंधान की गुणवत्ता पर जोर दिया, यह केवल उद्धरणों पर निर्भर नहीं बल्कि इसके उपयोगिता और मौलिकता पर आधारित होना चाहिए।
- मुरमू ने भारत की वैज्ञानिक उपलब्धियों को स्थानीय, क्षेत्रीय और राष्ट्रीय समस्याओं को सुलझाने में उपयोगी बनाने की बात की।
- उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के लक्ष्यों को तेजी से हासिल करना चाहिए ताकि भारत को एक वैश्विक ज्ञान शक्ति के रूप में स्थापित किया जा सके।
- मुरमू ने कुछ संस्थानों की वैश्विक पहचान को स्वीकार किया, लेकिन सभी संस्थानों से तेज़ी से आगे बढ़ने की अपील की।
- उन्होंने शिक्षा प्रणाली में सामाजिक समावेशन और संवेदनशीलता को जोड़ने की आवश्यकता बताई।
- विज़िटर्स अवार्ड फॉर इनोवेशन, प्रोफेसर सरीपेला श्रीकृष्णा को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से मिला।
- प्रोफेसर अश्विनी कुमार नंगिया, प्रोफेसर रीना चक्रवर्ती और प्रोफेसर राज कुमार को उनके संबंधित क्षेत्रों में अनुसंधान पुरस्कार प्राप्त हुए।





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