लोकसभा ने विनियोग संख्या 3 विधेयक 2026 पारित कर वित्तीय वर्ष 2022–23 के दौरान हुए अतिरिक्त सरकारी व्यय को वैधानिक स्वीकृति प्रदान की। यह विधेयक भारत की संचित निधि से धन निकासी की संवैधानिक अनुमति प्रदान करता है।
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- लोकसभा ने 4 अगस्त 2026 को विनियोग संख्या 3 विधेयक 2026 ध्वनिमत से पारित किया, जिससे 31 मार्च 2023 को समाप्त वित्तीय वर्ष के अतिरिक्त सरकारी व्यय को वैधानिक स्वीकृति मिली।
- यह विधेयक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत किया गया और इसका उद्देश्य भारत की संचित निधि से धन निकासी के लिए संसदीय अनुमति प्राप्त करना है।
- विनियोग विधेयक संविधान के अनुच्छेद 114 के अंतर्गत धन विधेयक होता है, जो संसद द्वारा स्वीकृत सरकारी व्यय को कानूनी आधार प्रदान करता है।
- संविधान के अनुच्छेद 266 के अनुसार भारत की संचित निधि में सरकार की सभी कर प्राप्तियां, ऋण तथा ऋण वापसी से प्राप्त धन जमा किया जाता है।
- अनुच्छेद 110 के अनुसार धन विधेयक केवल लोकसभा में ही प्रस्तुत किया जा सकता है तथा राज्यसभा इसमें संशोधन नहीं कर सकती, केवल सुझाव दे सकती है।
- राज्यसभा को धन विधेयक 14 दिनों के भीतर अपनी अनुशंसाओं सहित वापस करना होता है, किन्तु लोकसभा उन अनुशंसाओं को स्वीकार करने के लिए बाध्य नहीं होती।
- यह विधेयक वित्तीय वर्ष 2022–23 के दौरान विभिन्न सरकारी सेवाओं पर हुए अतिरिक्त व्यय को नियमित बनाकर वित्तीय जवाबदेही और संवैधानिक प्रक्रिया सुनिश्चित करता है।
- लोकसभा से पारित होने के बाद यह विधेयक अब राज्यसभा के विचाराधीन है, जिसके बाद इसकी शेष संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होगी।





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