संसद ने मानसून सत्र के दौरान लगातार विरोध और व्यवधानों के बीच सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 तथा राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 को पारित कर दिया।
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- संसद ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को दोनों सदनों से पारित कर दिया। प्रश्नपत्र लीक निरोधक विधेयक के रूप में चर्चित यह विधेयक अब राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद अधिनियम बनेगा।
- संशोधन के तहत कठोर दंड, अधिक आर्थिक जुर्माना, समयबद्ध जांच, विशेष त्वरित न्यायालय तथा संगठित परीक्षा धोखाधड़ी के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।
- संसद ने राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 भी पारित किया, जिसके तहत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का जानबूझकर अपमान दंडनीय अपराध होगा।
- सरकार ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बहाल करने के लिए मजबूत कानूनी और संस्थागत व्यवस्था आवश्यक है, जबकि विपक्ष ने परीक्षा प्रणाली की प्रशासनिक कमियों पर व्यापक सुधार की आवश्यकता पर बल दिया।
- मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि यह विधेयक परीक्षा विवादों के काफी समय बाद लाया गया है, जबकि मनोज झा ने राष्ट्रीय परीक्षा अभिकरण में व्यापक संस्थागत सुधार की मांग की।
- वंदे मातरम् संशोधन विधेयक पर विभिन्न राजनीतिक दलों ने अलग-अलग मत व्यक्त किए। सरकार ने इसे राष्ट्रीय सम्मान की रक्षा का कदम बताया, जबकि कुछ विपक्षी नेताओं ने इसके राजनीतिक उपयोग तथा संवैधानिक पहलुओं पर चिंता व्यक्त की।
- पूरे दिन विपक्ष ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से छात्र प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध कथित पुलिस कार्रवाई पर संसद में वक्तव्य देने की मांग की। लगातार नारेबाजी के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।
- इसके अतिरिक्त सदन में छात्र आंदोलन, पश्चिम बंगाल के शिक्षक प्रदर्शन, राष्ट्रीय परीक्षा अभिकरण की कार्यप्रणाली, राम मंदिर चंदा अनियमितता के आरोप तथा अन्य राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा और विरोध दर्ज किया गया।





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