पल्लव वंश ने 275 से 897 ईस्वी तक दक्षिण भारत पर शासन किया। कांचीपुरम उनकी राजधानी थी। महेन्द्रवर्मन I और नरसिंहवर्मन I के समय वंश चरम पर पहुंचा। स्थापत्य कला, धार्मिक सुधार और सांस्कृतिक संरक्षण में योगदान के लिए प्रसिद्ध रहा। 9वीं शताब्दी में चोलों से हार के बाद पल्लव शासन समाप्त हुआ।
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- 275–897 ई. तक दक्षिण भारत में शासन
- राजधानी कांचीपुरम, शिक्षा और संस्कृति का केंद्र
- संस्थापक माने गए सिंहविष्णु (556–590 ई.)
- नरसिंहवर्मन I ने बादामी जीता, साम्राज्य की ऊंचाई
- महाबलीपुरम समेत अनेक पत्थर मंदिरों का निर्माण
- शैव, वैष्णव व जैन धर्मों को संरक्षण
- प्रमुख मंदिर: कैलासनाथ, शोर मंदिर, वैकुण्ठपेरुमल
- संस्कृत और तमिल साहित्य को प्रोत्साहन; भरवि ने दरबार में निवास किया
- चालुक्य, राष्ट्रकूट, पांड्य आक्रमणों से साम्राज्य कमजोर
- अंतिम शासक अपराजितवर्मन, चोल राजा आदित्य I ने हराया





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