भारत द्वारा सिंधु जल संधि को 24 अप्रैल को निलंबित किए जाने के बाद पाकिस्तान को मई-जून की खरीफ फसलों में 21% पानी की कमी का सामना करना पड़ सकता है। इरसा (IRSA) ने चिनाब नदी के जल प्रवाह में तेज गिरावट की पुष्टि की है, जो भारत से कम जल छोड़े जाने का नतीजा है।
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- भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद 24 अप्रैल को संधि निलंबित की
- इरसा ने खरीफ के शुरुआती दौर में 21% और बाद में 7% जल संकट की चेतावनी दी
- चिनाब नदी में मराला हेडवर्क्स पर जल प्रवाह में अचानक गिरावट दर्ज
- चावल, कपास, मक्का जैसी खाद्य फसलें खतरे में
- पाकिस्तान को अब भारत से परियोजना जानकारी व जल आंकड़े नहीं मिलेंगे
- भारत ने पश्चिमी नदियों (सिंधु, झेलम, चिनाब) के पूर्ण उपयोग का अधिकार जताया
- बगलिहार और सलाल डैम से जल छोड़े जाने में कटौती का हवाला
- खरीफ फसलें सिंचाई और मानसून पर निर्भर; देरी से उपज पर असर
- पाकिस्तान इसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाने की योजना में
- संधि के तहत पाकिस्तान को कुल जल का ~80% हिस्सा मिलता है





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