शक्तियों का पृथक्करण भारतीय संविधान का एक मूल सिद्धांत है, जिसके तहत शासन की शक्तियाँ विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में विभाजित की गई हैं, ताकि लोकतंत्र में शक्ति का दुरुपयोग न हो। BulletsIn शक्तियों का पृथक्करण शासन को विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका में विभाजित करता है। अवधारणा मोंतेस्क्यू के सिद्धांत से प्रेरित, शक्ति के केंद्रीकरण













