आर्थिक राष्ट्रवाद — जिसमें आर्थिक नीतियाँ राष्ट्रीय हितों को वैश्विक निर्भरता से ऊपर रखती हैं — एक बार फिर उभर रहा है। यह संरक्षणवाद, सरकारी नियंत्रण और रणनीतिक व्यापार नीतियों का मिश्रण है। BulletsIn जड़ें 16वीं–18वीं सदी के व्यापारीवाद में, जहाँ व्यापार अधिशेष से संपत्ति बढ़ाने पर ज़ोर था। 19वीं–20वीं सदी में औद्योगिकीकरण के दौरान













