देश में बढ़ती गर्मी और लू की गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने केंद्र सरकार तथा राज्यों से विस्तृत जवाब तलब किया है।
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- National Green Tribunal ने देशभर में बढ़ती लू और अत्यधिक तापमान से संबंधित समाचार रिपोर्ट का स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई प्रारंभ की।
- अधिकरण ने केंद्र सरकार, विभिन्न राज्य सरकारों तथा संबंधित विभागों से लू की स्थिति से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी मांगी है।
- अधिकरण के अनुसार उत्तर-पश्चिम, पश्चिमी, मध्य, पूर्वी तथा प्रायद्वीपीय भारत के अनेक क्षेत्रों में अत्यधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है।
- अधिकरण ने उल्लेख किया कि Uttar Pradesh के बांदा में 48 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो देश में सर्वाधिक रहा, जबकि Delhi में लगातार लू की स्थिति बनी हुई है।
- राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने कहा कि लू अब केवल मौसमी घटना नहीं रह गई है, बल्कि यह पर्यावरण, जनस्वास्थ्य, शिक्षा, श्रम उत्पादकता और अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी है।
- अधिकरण ने पाया कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में लू का प्रभाव अलग-अलग स्वरूप में दिखाई देता है, इसलिए दोनों क्षेत्रों के लिए पृथक रणनीतियों की आवश्यकता है।
- अधिकरण ने क्षेत्र-विशिष्ट कार्ययोजनाओं, जलवायु अनुकूलन उपायों तथा दीर्घकालिक लू प्रबंधन रणनीतियों पर आधारित व्यापक नीति तैयार करने पर बल दिया।
- यह मामला भारत में जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों को रेखांकित करता है तथा संवेदनशील आबादी की सुरक्षा के लिए प्रभावी लू कार्ययोजनाओं की आवश्यकता को दर्शाता है।





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