मध्य प्रदेश सरकार ने उज्जैन की ऐतिहासिक सप्तसागर झीलों के संरक्षण हेतु अतिक्रमण हटाने, सीवरेज मोड़ने और संरचनात्मक सुरक्षा के व्यापक कदमों की जानकारी दी है।
BulletsIn
- राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने उज्जैन स्थित सप्तसागर झीलों के संरक्षण संबंधी मध्य प्रदेश सरकार की कार्यवाही रिपोर्ट की समीक्षा की।
- संयुक्त प्रशासनिक दल ने आधुनिक सर्वेक्षण तकनीक के माध्यम से सातों झीलों का सीमांकन कर अतिक्रमण की पहचान की।
- गोवर्धन सागर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाते हुए चौबीस खोखे, सात आवासीय संरचनाएं और दो सीमा दीवारें ध्वस्त की गईं।
- कुल सात दशमलव सात एक छह हेक्टेयर दर्ज क्षेत्र में से लगभग एक दशमलव एक पांच शून्य हेक्टेयर में स्थायी और अस्थायी निर्माण पाए गए।
- अस्थायी अतिक्रमण हटाकर खाली भूमि को तारबंदी के माध्यम से सुरक्षित किया गया ताकि पुनः अवैध कब्जा न हो।
- गणेश टेकरी और आसपास के बाजार क्षेत्रों से आने वाले सीवरेज तथा नालों के जल को उपचार संयंत्र की ओर मोड़ दिया गया है।
- संयुक्त निरीक्षण में पुष्टि हुई कि आवासीय कॉलोनियों से निकलने वाला अपशिष्ट जल अब गोवर्धन सागर में नहीं जा रहा है।
- रुद्रसागर, क्षीरसागर, पुष्करसागर, पुरुषोत्तम सागर, विष्णु सागर और रत्नाकर सागर झीलों में सीवरेज प्रवाह या अतिक्रमण नहीं पाया गया।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.