नासा ने शनि के उपग्रह टाइटन की खोज के लिए परमाणु ऊर्जा से संचालित ड्रैगनफ्लाई यान का निर्माण शुरू किया, जिसका प्रक्षेपण वर्ष 2028 में प्रस्तावित है।
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• नासा के तकनीशियन मेरीलैंड स्थित जॉन्स हॉपकिन्स एप्लाइड फिजिक्स प्रयोगशाला में ड्रैगनफ्लाई यान के निर्माण और परीक्षण पर कार्य शुरू कर चुके हैं।
• ड्रैगनफ्लाई कार के आकार का उड़ने वाला अनुसंधान यान होगा जो टाइटन की सतह और वातावरण के विभिन्न क्षेत्रों का वैज्ञानिक अध्ययन करेगा।
• इस मिशन का प्रक्षेपण वर्ष दो हजार अट्ठाईस में प्रस्तावित है और यह शनि ग्रह के सबसे बड़े उपग्रह टाइटन तक लंबी अंतरिक्ष यात्रा करेगा।
• वैज्ञानिकों का मानना है कि टाइटन पर ऐसे रासायनिक तत्व और कार्बनिक अणु मौजूद हैं जो जीवन की उत्पत्ति को समझने में सहायता कर सकते हैं।
• यान में लगी समेकित इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली उसका मुख्य मस्तिष्क होगी जो दिशा नियंत्रण, मार्गदर्शन, संचार और आंकड़ा प्रबंधन जैसे कार्य संभालेगी।
• यह मिशन मंगल ग्रह पर किए गए सफल हेलीकॉप्टर प्रयोग से प्राप्त अनुभव के आधार पर विकसित किया गया उन्नत अंतरिक्ष अनुसंधान प्रयास है।
• यान के विभिन्न भागों का परीक्षण और समेकन वर्ष दो हजार सत्ताईस तक जारी रहेगा ताकि इसे अंतरिक्ष यात्रा के लिए पूरी तरह तैयार किया जा सके।
• सभी परीक्षण पूरे होने के बाद यान को अंतिम तैयारियों के लिए प्रक्षेपण केंद्र भेजा जाएगा, जहां से इसे टाइटन की ऐतिहासिक यात्रा पर रवाना किया जाएगा।





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