प्रस्तावित संवैधानिक संशोधन और परिसीमन व्यवस्था के तहत लोकसभा की सदस्य संख्या बढ़ सकती है तथा राज्यों का प्रतिनिधित्व पुनर्निर्धारित हो सकता है।
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- संविधान संशोधन विधेयक में लोकसभा की अधिकतम सदस्य संख्या 550 से बढ़ाकर 850 करने का प्रस्ताव रखा गया है।
- राज्यों को सीटों का आवंटन उनकी जनसंख्या के राष्ट्रीय अनुपात के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।
- लोकसभा में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण परिसीमन के बाद लागू होगा तथा इसकी अवधि 15 वर्ष होगी।
- परिसीमन विधेयक के अंतर्गत नए परिसीमन आयोग के गठन का प्रावधान किया गया है जिसकी संरचना पूर्व व्यवस्था के समान होगी।
- प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया में 2011 की जनगणना के आंकड़ों का उपयोग किए जाने की संभावना व्यक्त की गई है।
- अधिक जनसंख्या वृद्धि वाले राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, बिहार और राजस्थान को अतिरिक्त लोकसभा सीटें मिलने की संभावना है।
- केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों की लोकसभा में सापेक्ष हिस्सेदारी घटने की संभावना बताई गई है।
- प्रस्ताव का उद्देश्य प्रत्येक मतदाता के मत का समान मूल्य सुनिश्चित करना है, हालांकि इससे अधिक जनसंख्या वाले राज्यों का प्रभाव बढ़ सकता है।





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