1765 में दीवानी अधिकार मिलने के बाद ब्रिटिशों ने भारत में भारी भू-राजस्व प्रणाली लागू की। यह शासन की मुख्य आय बनी, लेकिन किसानों को कर्ज, अकाल और गरीबी में धकेल दिया।
BulletsIn
- भू-राजस्व = कृषि उत्पादन पर कर
- ब्रिटिशों की मुख्य आय का साधन बना भूमि कर
- किसानों से युद्ध और प्रशासन का खर्च निकाला गया
- अधिक कर से अकाल और जमीन छोड़ने की नौबत
- स्थायी बंदोबस्त (1793) में जमींदार तय राजस्व देते थे
- रैयतवारी (1820) में किसान मालिक बने, पर कर भारी
- महालवारी (1822) गाँव आधारित कर प्रणाली
- अन्य प्रणालियाँ: तालुकदारी, मालगुज़ारी
- खाद्यान्न से नगदी फसलों की ओर मजबूरी
- कर्ज बढ़ा, महाजनों ने किसानों का शोषण किया
- किसान आय घटने से कुटीर उद्योग भी प्रभावित
- बढ़ी असमानता, गरीबी और बार-बार अकाल





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.