कामराजर बंदरगाह ने 440 करोड़ रुपये की पूंजीगत ड्रेजिंग परियोजना पूरी कर 18 मीटर परिचालन गहराई हासिल की है, जिससे बड़े मालवाहक जहाजों का संचालन और भारत के समुद्री व्यापार को नई मजबूती मिलेगी।
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- कामराजर बंदरगाह 18 मीटर परिचालन गहराई प्राप्त करने वाला भारत का दूसरा प्रमुख बंदरगाह बन गया है। यह उपलब्धि 440 करोड़ रुपये की पूंजीगत ड्रेजिंग परियोजना पूर्ण होने के बाद हासिल हुई।
- नई सुविधा के माध्यम से बंदरगाह अब 1,70,000 डेडवेट टन भार तक क्षमता वाले पूर्ण रूप से लदे विशाल मालवाहक जहाजों का संचालन कर सकेगा।
- इस उपलब्धि के साथ कामराजर बंदरगाह के बाद विशाखापत्तनम बंदरगाह ही ऐसा दूसरा प्रमुख भारतीय बंदरगाह है, जहां इतने बड़े गहराई वाले जहाज सुरक्षित रूप से संचालित हो सकते हैं।
- परियोजना के अंतर्गत बाहरी पहुंच मार्ग की गहराई 20 मीटर से 23 मीटर, भीतरी प्रवेश मार्ग की गहराई 19 मीटर से 22 मीटर तथा घाटों की गहराई भी बढ़ाई गई।
- 18 मीटर परिचालन गहराई बड़े जहाजों के सुरक्षित प्रवेश, ठहराव और प्रस्थान को संभव बनाती है, जिससे संचालन क्षमता बढ़ने के साथ परिवहन लागत में भी कमी आएगी।
- बंदरगाह अब विशाल मालवाहक जहाजों के संचालन के लिए पूरी तरह सक्षम हो गया है, जिससे एक ही यात्रा में अधिक मात्रा में माल का परिवहन संभव होगा।
- इस परियोजना से माल ढुलाई क्षमता बढ़ेगी, जहाजों का ठहराव समय कम होगा, रसद लागत घटेगी तथा भारत के निर्यात और आयात व्यापार को नई गति मिलेगी।
- यह उपलब्धि भारत के बंदरगाह आधुनिकीकरण, समुद्री संपर्क विस्तार और वैश्विक व्यापार प्रतिस्पर्धा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।





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