विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर उत्तर प्रदेश स्थित जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार को भारत के 100वें रामसर स्थल का दर्जा मिला।
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- सुरहा ताल के नाम से प्रसिद्ध जयप्रकाश नारायण पक्षी विहार को रामसर अभिसमय के अंतर्गत भारत के 100वें रामसर स्थल के रूप में मान्यता मिली।
- उत्तर प्रदेश के बलिया जनपद में स्थित यह आर्द्रभूमि प्रवासी पक्षियों, स्थानीय पक्षियों तथा विविध जलीय जीवों का महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास है।
- विश्व पर्यावरण दिवस 2026 पर हुई यह घोषणा आर्द्रभूमि संरक्षण और जैव विविधता संवर्धन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
- रामसर स्थल का दर्जा उन आर्द्रभूमियों को दिया जाता है जिनका पारिस्थितिक महत्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त होता है।
- यह आर्द्रभूमि जल संरक्षण, पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने तथा वन्यजीवों के प्रजनन और संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- इस नई मान्यता के साथ भारत में अंतरराष्ट्रीय महत्व के रामसर स्थलों की कुल संख्या बढ़कर 100 हो गई है।
- हाल के वर्षों में शेखा झील पक्षी विहार, पटना पक्षी विहार, छारी धंध, सिलिसेढ़ झील तथा कोपरा जलाशय को भी रामसर सूची में शामिल किया गया।
- यह उपलब्धि आर्द्रभूमि संरक्षण के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और पर्यावरणीय प्रतिबद्धता को दर्शाती है।





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