व्यक्तिगत सत्याग्रह 17 अक्टूबर 1940 को वर्धा के पास पवनार से शुरू हुआ। अगस्त प्रस्ताव की विफलता और युद्ध में भारत की अनिच्छुक भागीदारी के विरोध में गांधीजी ने इसे सीमित, अहिंसक आंदोलन के रूप में शुरू किया।
BulletsIn
- अगस्त प्रस्ताव अस्वीकार होने के बाद गांधी ने 1940 में शुरू किया।
- उद्देश्य: अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और युद्ध में भारत की अनिच्छा दिखाना।
- बड़े आंदोलन से हिंसा की आशंका; इसलिए सीमित सत्याग्रह चुना।
- पहले सत्याग्रही: विनोबा भावे; anti-war भाषण के बाद गिरफ्तार।
- दूसरे सत्याग्रही: जवाहरलाल नेहरू; डिफेंस ऑफ इंडिया रूल्स में गिरफ्तार।
- तीसरे सत्याग्रही: ब्रह्मा दत्त; अन्य कई भी शामिल हुए।
- गांधी ने ब्रिटेन के दावे का विरोध किया कि भारत स्वेच्छा से युद्ध में है।
- ब्रिटिश सरकार ने anti-war प्रचार पर रोक लगाई; गिरफ्तारियाँ बढ़ीं।
- मई 1941 तक 25,000 से अधिक सत्याग्रही दोषी ठहराए गए।
- आंदोलन ने आगे के जन आंदोलनों, विशेषकर भारत छोड़ो, की पृष्ठभूमि तैयार की।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.