19–23 नवंबर 2025 के दौरान अफगान मंत्री नूरुद्दीन अज़ीज़ की दिल्ली यात्रा में भारत अफगानिस्तान के साथ व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी बढ़ा रहा है। यह सहयोग तालिबान को राजनीतिक मान्यता दिए बिना आगे बढ़ाया जा रहा है।
BulletsIn
* भारत तालिबान को मान्यता दिए बिना आर्थिक सहयोग को मजबूत कर रहा।
* पाकिस्तान की ट्रांजिट पाबंदियाँ अफगान व्यापार को चाबहार कॉरिडोर पर निर्भर बना रहीं।
* चाबहार और एयर कार्गो के ज़रिये द्विपक्षीय व्यापार लगभग 900 मिलियन डॉलर पहुँचा।
* वार्ताओं में मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसेसिंग, सीमेंट, खनन और सोलर उपकरण निवेश शामिल।
* INSTC भारत को अफगान मार्ग के ज़रिये मध्य एशिया से जोड़ने का दीर्घकालिक विकल्प।
* रेल अधूरी, सुरक्षा जोखिम, प्रतिबंध और ऊँचे बीमा खर्च प्रगति धीमी करते हैं।
* तालिबान आर्थिक लाभों को प्राथमिकता दे रहा; भारतीय कंपनियाँ विश्वसनीय मानी जाती हैं।
* भारत मानवीय सहायता और तकनीकी वार्ताएँ जारी रखता है, मान्यता नीति बिना बदले।
* अज़ीज़ की यात्रा में व्यापार मेले, SME सुरक्षा और कार्गो सुविधा पर छोटे समझौते संभव।
* रणनीति भारत की क्षेत्रीय भूमिका बढ़ाती है और अफगानिस्तान को पाकिस्तान-निर्भरता से राहत देती है।





What do you think?
It is nice to know your opinion. Leave a comment.